Tuesday, 16 February 2016

हाइकु

बनते नग
इससे पहले ही
बहके पग

प्रचार बोध
समर्थन से ज़्यादा
ठीक विरोध

मन का मैल
फैला रहा दुर्गन्ध
हवा में फैल

झाँकता तन
फटा ब्लाउज देख
फैले हैं फन

मौन हैं गुरु
जेएनयू में हिट
दूजा ही 'गुरु'?

प्रवीण श्रीवास्तव 'प्रसून'
फतेहपुर उ.प्र.

No comments:

Post a Comment